Tuesday, February 23, 2021

स्किल्ड वर्कर और ९९ का चक्कर....


दहिया जी हमारे साथ वाली सीट पे बैठते हैं।  दवाइयों की फैक्ट्री के डिज़ाइन/ड्राफ्टिंग एक्सपीरियंस में लगभग २५ साल का तजुर्बा है जो की काफी Rare Skill Set है। दहिया जी दिल्ली के पास रोहतक से हैं । २० साल दिल्ली में काम करने के बाद जब Pharmaplan Consultancy बंद हो गई तो उन्हे मजबूरन हैदराबाद हमारी कंपनी में जॉब ज्वाइन करनी पड़ी। अपनी बीमार माँ और परिवार से दूर रहते हुए, बढ़ते ऑफिस के वर्क लोड के चलते दहिया जी बीमार रहने लगे। दोने बेटियों की चिंता जिनका दाखिला हाल ही में इंजीनियरिंग कॉलेज हुआ और अब वे भी दूर के हॉस्टल में थीं । रात को ठीक से नींद न आना, सोचते रहना की समय कैसे बदल गया।  सारा परिवार बिखरा हुआ दिखाई देता।  


दहिया जी और मैं १२ साल पहले एक साथ Pharmaplan में सहकर्मी थे । तब उनका रुबाब देखते ही बनता था। थोड़ी सी भी Confusion या Design Inputs की कमी होने पर काम बंद कर दिया करते थे।  लेकिन नौकरी की मज़बूरी ने उनको असहाय बना दिया। ऐसी स्तिथि के चलते उन्होने काम छोड़ने का फैसला किया और मुझे बताया की वे सब कुछ छोड़ के रोहतक में अपनी दूकान में बैठना चाहते है।  

दिवाली की छुट्टियों पे से जब वे रेहताक से वापिस आये तोह वे फिर से विडंबना में दिखे। रोहतक में उनके एक ख़ास दोस्त से मिलने के दोहरान जब दहिया जी ने उन्हें नौकरी छोड़ने की बात बताई, तो इस बात पे उनके दोस्त ने झटक के बोला - "पागल हो गया है तू।  इतनी अच्छी नौकरी छोड़ के घर बैठे गा।  बेटियों की तोह सोच कम से कम।  रिश्ते वाले क्या सोचेंगे ?"

ऐसा नहीं था की दहिया जी ने इस बारे में पहले सोचा नहीं रहा होगा।  लेकिन दोस्त की इस बात ने उन्हे फिर से दुविधा में डाल दिया।  अब वे इसी दुविधा में जी रहे हैं, और ९९ के चक्कर में ध्याड़ी लगाए जा रहे हैं। अब इतना पैसा इकठ्ठा हो जाए तो तब नौकरी छोडूं या बेटियों का रिश्ता होने के बाद छोडूं।  

Skilled workers और non -skilled workers दोनों सह-पीड़ित हैं।  हमारा हैदराबाद ऑफिस हो या हमारा जर्मनी में स्टुटगार्ट ऑफिस,  ५० % से अधिक Skilled workers अपने परिवार से दूर रहते हैं। वे केवल weekend में या त्यौहार की छुट्टियों के दौरान ही अपने परिवार से मिल पाते है।  बहुत से लोग अगले ३ महीने के सारे वीकेंडस की ट्रैन टिकटें पहले से ही बुक कर देते थे। कोरोना काल में कुछ समय के लिए work from home के चलते परिवार के संग थोड़ा लम्बे समय तक रहने का मौका मिला।    

No comments:

Post a Comment